स्वागत

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है आप सभी के मार्गदर्शन का इंतजार रहेगा

Thursday, March 31, 2011

यादे साथ है तुम्हारी बस महसूस कर रहा हूँ |


तेरी यादो के साये में मै तुम्हे महसूस करता हूँ ,
अपने हर एक जर्रे में तुम्हे मै महसूस करता हूँ|
तुमको पाकर मैंने जिंदगी की हर ख़ुशी थी पा ली ,
और तुमसे दूर होकर हर ख़ुशी को दूर करता हूँ |

तुम साथ थे तो  जिंदगी का हर गम दूर था मुझसे ,
और अब तुम से दूर हू तो हर गम को महसूस करता हूँ |
तुम हम सफ़र थे तोह जिंदगी का हर रास्ता था हसी ,
तुम दूर हो तो कदमो से दूर है ये जमी |

तुम याद का साया बनकर साथ चलते हो ,
पर तुम दूर हो मुझसे तो दूर है हर ख़ुशी ,
हर आहात पर तुम को महसूस करता हूँ ,
पर हर सांस  तुम बिन बड़ी मुश्किल से चलती है |

जिंदगी तुम्हारे साथ थी तुम बिन भी चलती है ,
जब तुम साथ नहीं हो तो साँस भी रुक - रुक कर चलती है |
तुम साथ थे तो किस्मत भी मेरे साथ चलती थी ,
पर तुम बिन तो ये किस्मत भी मुझसे जुदा सी चलती है |

तुम साथ थे तो  रस्ते  भी साथ चलते थे ,
अब तुम बिन इन रास्तो को खुद से दूर महसूस करता हूँ |

5 comments:

  1. Bahut Kuch Bhul jane ki meri aadat purani hai..
    Tumeh bhi bhul jaungi kisi din Dekh lena tum..

    Yeh mat samajho ke tum dil mai base ho aur samaye ho..
    Nayi Duniya basaungi kisi din dekh lena tum..

    Galat kehte ho tum ko bhul jana hai bahut mushkil..
    Mai khud ko azmalungi kisi din dekh lena tum..


    "parijat"

    ReplyDelete
  2. @ अंकिता और पारिजात आपका धन्यवाद

    ReplyDelete
  3. बेहतर लिखा है पर सुधार की गुंजाईश है लिखते रहें बधाई

    ReplyDelete
  4. samander ki har lahar ko sahil nhi milta
    kesi se dil nhi milta kesi ko dil nhi milata....................
    hiow r u

    ReplyDelete